
पूर्वाचल एकता मंच भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की पुरजोर मांग करते हुए 9 और 10 जनवरी 2010 को दादा देव मेला ग्राउंड, द्वारका, सेक्टर-8, दिल्ली में विश्व भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन किया है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देश-विदेश के हजारों भोजपुरी भाषा-भाषी लोग शामिल हो रहे हैं। इसमें भोजपुरी भाषा-साहित्य एवं संगीत के विविध कार्यक्रमों के द्वारा विश्व समुदाय व भारत सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जाएगा। इसके बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो पूर्वाचल एकता मच अपना संघर्ष और तेज करेगा।
दुनिया के कोने-कोने में भोजपुरी भाषा-भाषी लोगों की संख्या लगभग 20 करोड़ से भी अधिक है। सुप्रसिद्ध विद्वान डा. जार्ज ग्रिमसन ने कहा था कि भोजपुरी जीवट वाले लोगों की भाषा है। वास्तव में भोजपुरी बोलने वाले लोग विश्व में जहां कहीं भी है, अपनी भाषा व संस्कृति के साथ पूरे अनुराग व समर्पित भाव से जुड़े हुए हैं।
यही कारण है कि जहां विश्व की सैकड़ों भाषाएं विलुप्त होने के कगार पर हैं, लेकिन भोजपुरी भाषा न केवल तेजी से फल-फूल रही है, बल्कि इसका साहित्य व सिनेमा अत्यधिक लोकप्रिय व विस्तृत होता जा रहा है।
एक ओर जहां अमेरिका में नौकरियों के लिए आवेदन-पत्र भरने की भाषा के रूप में भोजपुरी को मान्यता मिल चुकी है एवं त्रिानिदाद, मारीशस, सूरिनाम, फिजी आदि अनेक देशों में भोजपुरी का पर्याप्त प्रचार-प्रसार हो रहा है। पंरतु आश्चर्य की बात यह है कि अपने देश में ही भोजपुरी को वह स्थान नहीं प्राप्त हो सका है जिसकी वह हकदार है।
विश्व भोजपुरी सम्मेलन-2010 के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए पूर्वाचल एकता मच के मीडिया प्रभारी संतोष सिन्हा एवं आनन्द प्रकाश ने बताया कि नौ जनवरी 2010, शनिवार को सम्मेलन का उद्घाटन माननीय लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार करेंगी। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र मुख्य अतिथि होंगे तथा अध्यक्षता पूर्व सासद प्रभुनाथ सिंह करेंगे।
दैनिक जागरण समाचार पत्र के मुख्य महाप्रबंधक निशिकांत ठाकुर विशिष्ठ अतिथि होंगे। उन्हे पत्रकारिता गौरव सम्मान से भी अलंकृत किया जाएगा। उक्त अवसर पर सासद रघुवंश प्रसाद सिंह, रविशकर प्रसाद, जगदंबिका पाल, राजीव प्रताप रूढ़ी, महाबल मिश्रा, जगदानन्द सिंह, रमेश कुमार, मीना सिंह, पूर्व सासद सज्जन कुमार, विधयक धर्मदेव सोलंकी, मुकेश शर्मा, सत्यप्रकाश राणा आदि अनेक विशिष्ट अतिथिगण जनसमुदाय को संबोधित करेंगे।
भोजपुरी की उपेक्षा पर क्षोभ प्रकट करते हुए पूर्वाचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजी सिंह का कहना है कि भोजपुरी भाषी लोगों के तमाम प्रयासों के बावजूद केंद्र सरकार ने भोजपुरी को संविधान की अष्टम अनुसूची में अब तक शामिल नहीं किया हैं।
सम्मेलन के अगले सत्र में एक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन होगा, जिसका विषय है-भोजपुरी गद्य साहित्य की विकास-यात्रा। संगोष्ठी का उद्घाटन वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामदरश मिश्र करेंगे। दूरदर्शन, दिल्ली में अधिकारी एवं साहित्यकार डा. अमर नाथ अमर मुख्य अतिथि होंगे। वरिष्ठ साहित्यकार डा. रमाशकर श्रीवास्तव संगोष्ठी की अध्यक्षता करेंगे।
इसी सत्र में त्रिनिदाद की स्कालर डा. पेंगी मोहन, मारिशस के सोमदत्त दौलतमन, हीरा जयगोविंद, अंबिका मनवोदे तथा देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से आए हुए विद्वान डा. जयकान्त सिंह जय, डा. शत्रुघ्न सिन्हा, डा. बृजभूषण मिश्रा, डा. जौहर शपिफयाबाढ़ी, डा. जनार्दन सिंह, मनोज श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार तिवारी आदि भोजपुरी गद्य साहित्य के विकास पर अपने व्यक्त करेंगे।
साहित्यिक संगोष्ठी के पश्चात भोजपुरी कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कवि सम्मेलन का उदघाटन वरिष्ठ साहित्यकार डा. केदारनाथ सिंह करेंगे। साहित्यकार गुरूशरण सिंह मुख्य अतिथि होंगे एवं डा. गोरख प्रसाद मस्ताना अध्यक्षता करेंगे। इस कवि सम्मेलन में प्रो. सुभाष यादव, डा. सुनील कुमार पंकज, सुरेश गुप्ता, मनोज भावुक, संतोष सिन्हा, मैनावती देवी, संतोष पटेल, जितेन्द्र वर्मा, सुरेन्द्र राय, गुरुविन्दर सिंह आदि अनेक कविगण काव्यपाठ करेंगे। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध रंगकर्मी महेन्द्र प्रसाद सिंह के निर्देशन में लोटकी बाबा के रामलीला भोजपुरी नाटक का मंचन किया जाएगा।
इसी सत्र में सुर-संग्राम के सितारें सास्कृतिक-संध्या भी आयोजित की जाएगी। इसमें विश्व के सर्वप्रथम भोजपुरी चैनल महुआ टी वी के रियलिटी शो सुर-संग्राम के प्रमुख कलाकार मोहन राठौर, आलोक कुमार, आलोक पाण्डेय, अनामिका सिंह, विजेता गोस्वामी, राम आशीष बागी आदि अपने गीत-संगीत प्रस्तुत करेंगे।
सम्मेलन के दूसरे दिन 10 जनवरी रविवार को एक परिचर्चा आयोजित की जाएगी जिसका विषय होगा-दिल्ली के विकास में पूर्वाचलवासियों का योगदान परिचर्चा का उद्घाटन बिहार भवन के एडिशनल कमिश्नर के राम करेंगे। मुख्य अतिथि होंगे बिंदेश्वरी दूबे एवं अध्यक्षता करेंगे, सिवा राम पाण्डेय इस परिचर्चा में दिल्ली के हर कोने से भोजपुरी एवं पूर्वाचल के प्रचारक भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में पूर्वाचल एक्सप्रेस के संपादक कुलदीप श्रीवास्तव को भी अलंकृत किया जाएगा।
परिचर्चा के पश्चात भोजपुरी गीत-संगीत का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें हिंदी एवं भोजपुरी के सुप्रसिद्ध गायक कुमार शानू, भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार मनोज तिवारी, हिंदी एवं भोजपुरी फिल्मों के सुप्रसिद्ध कलाकार रविकिशन, प्रख्यात भोजपुरी गायिका मालिनी अवस्थी, शर्मिला पांडेय, तरुण तुफानी, सीमा तिवारी, संगीता यादव और महुआ टीवी के अनेक कलाकार अपने मधुर स्वर से उपस्थित जनसमुदाय का मनोरंजन करेंगे।
इस सास्कृतिक-सत्र में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मुख्य अतिथि होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे भोजपुरी समाज के अध्यक्ष अजीत दुबे।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध अभिनेता एवं सासद शत्रुघ्न सिन्हा एवं पी के तिवारी को भोजपुरी गौरव सम्मान एवं इंडियन हािस्पटल के चेयरमैन डा. राजेश सिंह को पूर्वाचल गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में आर पी एन सिंह मंत्री, भारत सरकार जय प्रकाश अग्रवाल सासद, जगदंबिका पाल सासद, संजय निरूपम सासद, सज्जन कुमार पूर्व सासद, रमेश कुमार सासद आदि अनेक विशिष्ठ अतिथि होगे। (अजीत पाण्डेय , भोजपुरी समाज दिल्ली )